असम में चुनावी माहौल गरमा गया है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी पर तीन अलग-अलग देशों के पासपोर्ट रखने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मुद्दे पर सरमा ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए आरोपों को सिरे से खारिज किया।
कांग्रेस का दावा है कि हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी के पास भारत, भूटान और बांग्लादेश के पासपोर्ट हैं। पार्टी नेताओं ने यह मामला चुनावी मंच से उठाया और सोशल मीडिया पर भी जमकर प्रचार किया। कांग्रेस का कहना है कि ऐसे मामलों की पूरी जांच होनी चाहिए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस के आरोपों को झूठा और भ्रामक बताया। सरमा ने कहा कि उनकी पत्नी के पास सिर्फ भारतीय पासपोर्ट है और कांग्रेस जानबूझकर अफवाह फैला रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी दल चुनावी लाभ के लिए निजी मुद्दों को राजनीति में ला रहे हैं।
इस विवाद के बीच असम चुनाव की चर्चा पाकिस्तान के मीडिया चैनलों तक पहुंच गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तानी चैनलों पर असम चुनाव को लेकर 11 टॉक शो प्रसारित किए गए, जिनमें कांग्रेस का समर्थन किया गया। मुख्यमंत्री सरमा ने इसे भारत विरोधी प्रचार करार दिया और कहा कि कांग्रेस ऐसे तत्वों से समर्थन ले रही है जो देश की एकता के लिए खतरा हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी माहौल में इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप आम हैं, लेकिन इस बार मामला निजी जीवन से जुड़ा होने के कारण ज्यादा तूल पकड़ रहा है। इससे मतदाताओं के बीच असम चुनाव को लेकर चर्चा और ज्यादा तेज हो गई है।
इस पूरे मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक जांच शुरू नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में सरमा और कांग्रेस के बयान लगातार सुर्खियों में हैं। जनता अब दोनों पक्षों की दलीलों का इंतजार कर रही है, जिससे चुनावी समीकरणों पर भी असर पड़ सकता है।
असम चुनाव में इस विवाद ने नई बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि आगे इस मुद्दे पर कौन सा पक्ष मजबूत साबित होता है और क्या इससे चुनावी नतीजों पर कोई असर पड़ेगा।
