उत्तर भारत के कई हिस्सों में हाल ही में हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की उम्मीदों पर तगड़ा झटका दिया है। यूपी के शाहजहांपुर समेत कई जिलों में गेहूं की फसल बर्बाद हो गई है। मौसम के अचानक बदले मिजाज से खेतों में महीनों की मेहनत पलभर में नष्ट हो गई।
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल में सावन जैसा माहौल बन गया है। झमाझम बारिश और ओले गिरने से खेतों में पानी भर गया, जिससे फसलें कटने के कगार पर पहुंच गई हैं। कई जगहों पर किसान अपनी बर्बादी देखकर दुखी और हताश नजर आए।
यूपी में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर बताई जा रही है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, ओलावृष्टि और बारिश के कारण करीब 40 फीसदी गेहूं की फसल खराब हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभावित किसानों के लिए तत्काल राहत और मुआवजे के निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि हर प्रभावित किसान तक मदद पहुंचे।
शाहजहांपुर में ओलावृष्टि का असर इतना तेज था कि खेतों में काम कर रहे किसान देखते ही देखते अपनी फसल जमीन पर बिछी हुई देख बिलख उठे। स्थानीय किसानों का कहना है कि इस नुकसान से उनकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर हो गई है। कई किसान अब आगे की फसल के लिए संसाधन जुटाने को लेकर परेशान हैं।
बारिश और ओले गिरने से न सिर्फ गेहूं, बल्कि अन्य फसलें भी प्रभावित हुई हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जल्द राहत नहीं मिली, तो किसानों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं। प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है और प्रभावित क्षेत्रों में टीमों को भेजा गया है।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में भी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसल की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं। सरकार ने आश्वासन दिया है कि हर संभव मदद दी जाएगी ताकि किसान इस संकट से उबर सकें।
ओलावृष्टि और बारिश के कारण उत्तर भारत में किसानों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। सरकार की राहत योजनाओं और मुआवजे की घोषणा से उम्मीद की जा रही है कि किसानों को कुछ राहत मिलेगी और वे फिर से अपनी मेहनत से आगे बढ़ सकेंगे।
