गुजरात के बंदरगाह पर अचानक पहुंचे एक ईरानी तेल टैंकर ने हलचल मचा दी है। इस टैंकर में करीब 20 लाख बैरल कच्चा तेल लदा हुआ था, लेकिन भारतीय रिफाइनर्स ने इस तेल को खरीदने से साफ इंकार कर दिया।
सूत्रों के अनुसार, ईरानी टैंकर बिना किसी पूर्व सूचना के गुजरात की सीमा में दाखिल हुआ। यह टैंकर ऐसे समय भारत पहुंचा है, जब अमेरिका ने ईरान पर कड़ी आर्थिक पाबंदियां लगा रखी हैं और कई देशों को ईरानी तेल खरीदने से रोका गया है। इसी वजह से भारतीय कंपनियों ने भी जोखिम उठाने से मना कर दिया।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में ईरान पर प्रतिबंध और सख्त किए गए थे। इसके बाद से ही ईरान के तेल टैंकरों की आवाजाही पर विश्व स्तर पर नजर रखी जा रही है। हाल ही में ईरानी टैंकरों ने होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर बंदरगाहों की ओर रुख किया, जिससे वैश्विक बाजार में भी खलबली मच गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की ओर से तेल न खरीदने का फैसला अंतरराष्ट्रीय नियमों और अमेरिकी दबाव के कारण लिया गया है। भारत पर भी अमेरिका की ओर से ईरानी तेल न खरीदने का दबाव बना हुआ है, ताकि पाबंदियों का उल्लंघन न हो। इसी कारण भारतीय रिफाइनर्स ने इस टैंकर से तेल खरीदने से इनकार किया।
गौरतलब है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए कई देशों से कच्चा तेल आयात करता है, लेकिन ईरान से आयात पर लगे प्रतिबंधों के कारण देश को वैकल्पिक स्रोतों की तलाश करनी पड़ रही है। इस घटनाक्रम से एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय तेल व्यापार और भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि गुजरात पहुंचे इस ईरानी टैंकर का आगे क्या होगा। संबंधित एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हैं और केंद्र सरकार भी हालात पर नजर बनाए हुए है।
