जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर मौसम ने अपना रंग बदल लिया है। मौसम विभाग ने 13 अप्रैल से प्रदेश में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के कारण राज्य में बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की भी संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है।
घाटी में दिन का तापमान जहां बढ़ रहा है, वहीं रातें अब भी काफी ठंडी बनी हुई हैं। श्रीनगर सहित कई जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे रिकॉर्ड किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम का यही मिजाज बना रह सकता है।
बारिश और बर्फबारी की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। यात्रियों को भी यात्रा के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां बर्फबारी के कारण सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं।
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करें। बारिश से रबी फसलों को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है, वहीं सेब और अन्य बागवानी उत्पादों के लिए यह बारिश फायदेमंद भी हो सकती है।
मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, जम्मू, श्रीनगर, गुलमर्ग और पहलगाम जैसे प्रमुख स्थानों पर बारिश और बर्फबारी की गतिविधियां देखी जा सकती हैं। आम लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम अपडेट्स पर नजर बनाए रखें और अनावश्यक यात्रा से बचें।
राज्य में बदलते मौसम के कारण जनजीवन पर असर पड़ सकता है। प्रशासन ने सभी जरूरी सेवाओं को अलर्ट पर रखा है, ताकि आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।
जम्मू-कश्मीर में मौसम का यह बदला मिजाज न केवल स्थानीय निवासियों बल्कि पर्यटकों के लिए भी अहम है। मौसम विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और किसी भी तरह की आपात सूचना के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं।
