Skip to content
Breaking News
Breaking
Menu

Press Enter to search or Esc to close

होर्मुज जलडमरूमध्य पर नया संकट! रूस-चीन के वीटो से बढ़ा खाड़ी देशों का गुस्सा

1 min read 52

होर्मुज जलडमरूमध्य एक बार फिर वैश्विक सुर्खियों में है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में पेश किए गए एक अहम प्रस्ताव को रूस और चीन ने वीटो कर दिया। इस फैसले से न सिर्फ खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी खतरा मंडराने लगा है।

संयुक्त राष्ट्र में इस प्रस्ताव का मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए सुरक्षित और खुला रखना था। लेकिन रूस और चीन के विरोध ने अरब देशों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। कई खाड़ी देश इस फैसले से बेहद नाराज़ नजर आ रहे हैं।

पाकिस्तान की भूमिका भी इस पूरे घटनाक्रम में विवादित रही। अरब देशों को उम्मीद थी कि पाकिस्तान उनका समर्थन करेगा, लेकिन पाक ने आखिरी समय में साथ छोड़ दिया। इससे अरब देशों में पाकिस्तान को लेकर असंतोष और अविश्वास की भावना गहराई है।

रूस और चीन के वीटो के कारण अब होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई है। यह इलाका विश्व के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की आपूर्ति होती है। यहां किसी भी तरह की अशांति वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल मचा सकती है।

खाड़ी देशों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वह इस संकट का समाधान निकाले। उनका कहना है कि जलडमरूमध्य में स्थिरता और सुरक्षा न सिर्फ क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक हितों के लिए भी आवश्यक है। फिलहाल, रूस-चीन के वीटो के बाद आगे की रणनीति पर चर्चा जारी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटनाक्रम से ऊर्जा की कीमतों में अस्थिरता आ सकती है। भारत समेत कई देश होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भर हैं, ऐसे में यहां की स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हैं। आने वाले दिनों में संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को लेकर और बहस तेज हो सकती है।

Related Articles

International

टेनिस की दुनिया में धमाका! जेसिका पेगुला ने मियामी ओपन में रचा इतिहास, बनीं तीसरी अमेरिकी खिलाड़ी

अमेरिका की जेसिका पेगुला ने मियामी ओपन टेनिस टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। वह इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के पांच क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली तीसरी...

admin
Apr 1, 2026
1 min read