ईरान में जारी तनाव और युद्ध के हालात पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष से पूरी दुनिया प्रभावित हो सकती है, ऐसे में भारत शांति और स्थिरता के लिए लगातार प्रयासरत है। लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत युद्ध की स्थिति में फंसे हर नागरिक की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत सरकार हालात पर बारीकी से नजर रख रही है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सारी तैयारियां की जा चुकी हैं। साथ ही उन्होंने क्षेत्र में शांति बहाली के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मिलकर काम करने की अपील भी की।
सूत्रों के अनुसार, ईरान संकट के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी को फोन कर दोनों देशों के बीच रणनीति पर चर्चा की। इस बातचीत में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा और वैश्विक तेल आपूर्ति पर भी विचार-विमर्श हुआ। भारत ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई के खिलाफ है और कूटनीतिक समाधान का पक्षधर है।
पीएम मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करना न सिर्फ क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्थिरता के लिए भी आवश्यक है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत हमेशा से बातचीत और समझौते के जरिए विवादों के समाधान का समर्थन करता रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत की चिंता केवल अपने नागरिकों तक सीमित नहीं है, बल्कि युद्ध से प्रभावित हर देश और वहां के लोगों की भी है। पीएम मोदी ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी भारत की भूमिका को रेखांकित किया और कहा कि भारत लगातार शांति की दिशा में सकारात्मक पहल कर रहा है।
गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण वैश्विक तेल बाजार में भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। भारत सहित कई देशों की अर्थव्यवस्था पर इसका प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में पीएम मोदी का यह बयान बेहद अहम माना जा रहा है।
अंत में प्रधानमंत्री ने देशवासियों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की और भरोसा दिलाया कि सरकार हर परिस्थिति के लिए तैयार है। भारत अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर क्षेत्र में अमन और स्थिरता के लिए अपना योगदान देता रहेगा।
