प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' का 132वां एपिसोड प्रसारित किया। इस एपिसोड में उन्होंने देश के युवाओं की राष्ट्र निर्माण में भूमिका को विशेष रूप से उजागर किया और मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष पर भी अपनी राय रखी।
कार्यक्रम की शुरुआत में पीएम मोदी ने कहा कि भारत का भविष्य युवाओं के हाथों में है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए बताया कि आज की पीढ़ी न केवल देश की दिशा बदल सकती है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी भारत को नई पहचान दिला सकती है। पीएम मोदी ने उदाहरण देते हुए कहा कि हाल ही में आयोजित ग्लोबल AI इम्पेक्ट समिट में भारतीय युवाओं ने अपनी प्रतिभा से दुनिया को चौंका दिया।
मिडिल ईस्ट में चल रहे संकट पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने कोरोना महामारी जैसे कठिन हालातों का सामना किया है और हम मौजूदा चुनौतियों से भी मजबूती से निकलेंगे। उन्होंने नागरिकों को आश्वस्त किया कि सरकार हर संभव कदम उठा रही है ताकि देशवासियों की सुरक्षा और हितों की रक्षा की जा सके।
पीएम मोदी ने 'मन की बात' के माध्यम से समाज में एकता और सहयोग का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जब देशवासी एकजुट होकर काम करते हैं, तो हर समस्या का समाधान संभव है। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने आसपास के लोगों की मदद करें और देश की प्रगति में योगदान दें।
इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कई प्रेरणादायक कहानियां भी साझा कीं, जिससे देशवासियों का मनोबल बढ़ा। उन्होंने युवाओं को नवाचार, शिक्षा और सामाजिक कार्यों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि हर छोटा प्रयास राष्ट्र के विकास में बड़ा योगदान देता है।
'मन की बात' के इस ताजा एपिसोड में प्रधानमंत्री ने लोगों के सवालों का जवाब दिया और उनकी चिंताओं को दूर करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की आवाज सुन रही है और उनके सुझावों पर गंभीरता से विचार कर रही है।
अंत में पीएम मोदी ने सभी देशवासियों को आगामी त्योहारों की शुभकामनाएं दी और सुरक्षित व खुशहाल जीवन की कामना की। 'मन की बात' का यह एपिसोड देशभर में लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें प्रधानमंत्री ने न सिर्फ मुद्दों पर बात की, बल्कि समाधान की राह भी दिखाई।
