जम्मू-कश्मीर में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है। इस दौरान राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के कारण क्षेत्र में मौसम बिगड़ा है। इससे श्रीनगर, गुलमर्ग, पहलगाम सहित कई इलाकों में ठंड में इजाफा हुआ है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और सतर्क रहने की सलाह दी है।
बीते 24 घंटों में श्रीनगर-लेह हाईवे पर भारी बर्फबारी के चलते जोजिला दर्रे के पास बड़ा हादसा भी हुआ। एवलांच की चपेट में आने से 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 से अधिक वाहन करीब 6 फीट बर्फ में दब गए। राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है, लेकिन खराब मौसम के कारण ऑपरेशन में दिक्कतें आ रही हैं।
मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर के अलावा हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश के कुछ हिस्सों में भी बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मध्यप्रदेश के 40 जिलों में अगले तीन दिनों तक तेज बारिश की चेतावनी दी गई है।
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सभी जरूरी सेवाओं को अलर्ट मोड पर रखा है। साथ ही, यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे मौसम अपडेट पर नजर रखें और विशेषकर पहाड़ी इलाकों की यात्रा से बचें। स्कूलों में भी छुट्टियों की संभावना जताई जा रही है, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में तापमान में गिरावट आ सकती है। बर्फबारी के कारण जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासन ने लोगों को खाद्य सामग्री और जरूरी वस्तुओं का भंडारण करने की सलाह दी है।
जम्मू, श्रीनगर और आसपास के इलाकों में लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। बाजारों में भी सन्नाटा छाया हुआ है। स्वास्थ्य विभाग ने भी इमरजेंसी सेवाओं को पूरी तरह अलर्ट पर रखा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों से बचें और केवल अधिकृत स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें। आगामी दिनों में मौसम के और बिगड़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
