उत्तर प्रदेश में 2027 की जनगणना को लेकर सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सबसे अहम खबर यह है कि सात मई से स्व-गणना पोर्टल जनता के लिए खोल दिया जाएगा, जिससे लोग खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे।
राज्य के विभिन्न जिलों में जनगणना से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की बैठकें जारी हैं। प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि जनगणना प्रक्रिया में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित की जाए। अधिकारियों ने बताया कि इस बार तकनीक के इस्तेमाल से आंकड़े जुटाने में तेजी आएगी।
जनगणना की जिम्मेदारी निभाने से मना करने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। ताजा घटनाक्रम में 10 शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों पर ड्यूटी से इनकार करने के चलते एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना एक राष्ट्रीय दायित्व है और इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जनगणना 2027 के लिए इस बार कई नई व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं। स्व-गणना पोर्टल की शुरुआत से लोग अपनी जानकारी मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए घर बैठे दर्ज कर सकेंगे। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि आंकड़ों की सटीकता भी बढ़ेगी।
जनगणना के आंकड़े नीति निर्माण, संसाधनों के वितरण और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे स्व-गणना पोर्टल का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपनी जानकारी सही-सही भरें।
प्रशासन ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि जनगणना कार्य में सहयोग करें और किसी भी तरह की बाधा उत्पन्न न होने दें। जिला स्तर पर निगरानी समितियां भी बनाई गई हैं, जो जनगणना की प्रगति पर नजर रखेंगी।
जनगणना 2027 को लेकर आम जनता में भी उत्सुकता देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि नई व्यवस्था से आंकड़ों की विश्वसनीयता और पहुंच दोनों में सुधार होगा। सरकार ने भरोसा जताया है कि इस बार जनगणना प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और आधुनिक होगी।
