प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देशवासियों को संबोधित करते हुए 'मन की बात' का 132वां एपिसोड प्रस्तुत किया। इस बार कार्यक्रम में मिडिल-ईस्ट यानी पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध का मुद्दा मुख्य रूप से चर्चा में रहा। पीएम मोदी ने पड़ोसी देशों में हो रही हिंसा पर गहरी चिंता व्यक्त की और शांति एवं सहयोग का संदेश दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में विश्व कई चुनौतियों का सामना कर रहा है, जिसमें मिडिल-ईस्ट में चल रहा संघर्ष सबसे गंभीर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत हमेशा शांति और संवाद का पक्षधर रहा है। मोदी ने देशवासियों से अपील की कि हम सभी मिलकर विश्व में शांति स्थापित करने की दिशा में अपना योगदान दें।
इस कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने पिछली बार हुए ग्लोबल एआई इम्पैक्ट समिट का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि भारत तकनीकी विकास और नवाचार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ग्लोबल एआई समिट से जुड़ी उपलब्धियों को साझा करते हुए उन्होंने युवाओं को नई तकनीकों में भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने कहा कि देश में हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है और हम सब मिलकर हर चुनौती का सामना कर सकते हैं। मोदी ने बच्चों, युवाओं और किसानों के लिए सरकार की योजनाओं और प्रयासों का उल्लेख किया।
मन की बात के इस एपिसोड को देशभर में लाखों लोगों ने सुना और सराहा। सोशल मीडिया पर कार्यक्रम को लेकर उत्साह देखा गया। कई नागरिकों ने प्रधानमंत्री के शांति और एकजुटता के संदेश को सराहा और अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कीं।
कार्यक्रम के अंत में पीएम मोदी ने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे देश की एकता और अखंडता को बनाए रखें। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी भारत की जनता ने हमेशा मजबूती दिखाई है। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भारत विश्व में शांति और विकास का उदाहरण बनेगा।
'मन की बात' का यह एपिसोड एक बार फिर देशवासियों को सकारात्मक सोच और मिलकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। प्रधानमंत्री मोदी ने भरोसा जताया कि भारत हर चुनौती को पार कर, नए मुकाम हासिल करेगा।
